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. सुधा हॉस्पिटल में बच रही नौनिहालों की जिंदगी

हाड़ौती में एएसडी डिवाइस क्लोज“र की नई तकनीक से दो दिन में ही मरीज डिस्चार्ज
कोटा
कोटा के सुधा अस्पताल में नित नई तकनीक का प्रयोग करते हुए विश्व स्तरीय सुविधाएं दी जा रही है। इसकी एक बानगी और देखने को मिली जब दो बच्चों के दिल का आॅपरेशन पैर के रास्ते तार की सहायता से किया गया। एएसडी डिवाइस क्लोज“र ;इंटरवेंशन कार्डिक प्रोसिजरद्ध के तहत डिवाइस को लगाकर मासूमों को नई जिंदगी दी गई। कार्डिक सर्जन डॉण् पल्केश अग्रवाल व डॉण् शुभम जोशी ने बताया कि सवाईमाधोपुर निवासी भगवती जाट उम्र 2 वर्ष के दिल में रक्त सप्लाई करने वाली मुख्य धमनी में ब्लॉकेज थाए जिसकी वजह से उसकी ग्रोथ नहीं हो पा रही थी। प्रेशर 170?100 था। पल्स धीमी चल रही थीए जिस कारण उसके शरीर में कई तरह की समस्या आ रही थी। डॉण् जोशी ने बताया कि प्रेशर अधिक होने से उसके ब्रेन में व अन्य जगह पर समस्या हो सकती थी। चिकित्सकों की टीम ने पैर में एक छोटा सा चीर लगाकर तार की सहायता से एडोस्कॉपी का उपयोग करते हुए बेलून से बच्चें की धमनी को चौडा किया और रूकी हुई धमनी का रास्ता क्लीयर किया। पैर के रास्ते दिल तक पहुंचने का बच्चों में संभवतया ये पहला मामला है। इतने छोटे बच्चों में ऐसे आॅपरेशन करने के लिए विशेषज्ञता के साथ अनुभव होना चाहिए। आॅपरेशन के बाद दो दिन में ही उसकी छुट्टी कर दी गई। उसका प्रेशर भी 120 ? 80 हो गया। अब बच्चा सामान्य जीवन जी सकेगा।

वहीं कोटा निवासी आयशा उम्र 5 वर्ष को बचपन से ही दिल में छेद थाए जिसकी वजह से उसे बार.बार निमोनियाए इन्फेक्शन व खेलने कूदने में परेशानी हो रही थी। बच्ची ग्रोथ भी नहीं कर रही थी और बार.बार उसकी सांस फूलती थी। डॉण् शुभम जोशी ने बताया कि इतने छोटे बच्चें में भी पहली बार पैर में छोटा सा चीरा लगाकर उसके दिल के छेद को बंद किया गया। अमुमन बच्चों के दिल के आॅपरेशन में चीरफाड कर सर्जरी की जाती हैए लेकिन इस तरह से आॅपरेट करने को आॅपरेशन नहीं कहते बल्कि एएसडी डिवाइस क्लूजर कहते हैं। दोनो ही बच्चों के सफल उपचार के बाद उनको अपनी देखरेख में रखा गया। डॉण् पल्केश अग्रवाल ने बताया कि इस तरह के आॅपरेशन जटिल होते हैं और लोगों को जयपुर या राजस्थान से बाहर जाना पड़ता हैए लेकिन अब यहां नई तकनीक से आॅपरेशन किए जा रहे हैं। डॉण् जोशी यूरोप में विशेषज्ञता हासिल कर छोटे बच्चों के सफल आॅपरेशन कर रहे हैं। ये दोनो ही आॅपरेशन आरबीएसके योजना के तहत किए गए हैंए जिसमें मरीज से कोई पैसा नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि सुधा अस्पताल में छोटे बच्चों के आॅपरेशन लगातार किए जा रहे हैं। जिन बच्चों के दिल्लीए अहमदाबादए जयपुर जैसे बडे“ शहरों में आॅपरेशन नहीं किए गएए ऐसे जटिल आॅपरेशन भी सुधा अस्पताल में आसानी से किए गए हैं। इन आॅपरेशन में वरिष्ठ ह्दय रोग विशेषज्ञ  डॉण् पुरूषोत्तम मित्तलए डॉण् प्रवीण कोठारीए निश्चेतना विभाग के डॉण् वरूण छाबडा व तकनीशिय स्टॉफ शामिल था।

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Reported By:ADMIN



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