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हैदराबाद में जिस लड़की का रेप हुआ, उसका नाम पॉर्न साइट पर टॉप ट्रेंड में है

हैदराबाद में एक वेटनरी डॉक्टर का गैंगरेप होता है. उसे जलाकर मार दिया जाता है. और इधर दो दिन बाद ही उसका नाम पॉर्न वेबसाइट के टॉप ट्रेंड में आ जाता है. लोग उसके रेप का वीडियो देखना चाहते हैं. उस पल को एन्जॉय करना चाहते हैं, जिस पल में वो लड़की तड़पी होगी, रोई होगी, चीखी होगी और फिर आखिरी सांस ली होगी.

इस खबर खबर को यहीं ख़त्म हो जाना चाहिए. इस दुनिया को भी यहीं ख़त्म हो जाना चाहिए. मगर ज़रूरी है हम कुछ बातें जान लें.

दुनिया की टॉप 100 पॉर्न वेबसाइट्स में शामिल एक साइट है. इसी के टॉप ट्रेंड वाले सेक्शन में लड़की का नाम सबसे ऊपर है. अभी तक करीब 8 मिलियन से ज्यादा बार उसके नाम को इस वेबसाइट में सर्च किया जा चुका है.

‘फाइट द न्यू ड्रग’ एक एंटी-पॉर्नोग्राफी ऑर्गनाइजेशन है. अमेरिका के यूटा में इसका हेडक्वार्टर है. इस ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक पॉर्न देखने के कुछ कारण होते हैं.

पहला अराउज़ल, यानी उत्तेजना. यानी पॉर्न देखकर लोगों को यौन सुख मिलता है. ये सबसे पहला और बेसिक कारण है. इसी डिमांड को पूरा करने के लिए पॉर्न इंडस्ट्री अस्तित्व में आई थी. अब सोचिए, लोग पॉर्न साइट में गैंगरेप का शिकार हुई लड़की का वीडियो खोज रहे हैं. ताकि उसकी चीखें सुनकर उन्हें यौन सुख मिल सके. अपने दिमाग और मन के कीड़े को वो शांत कर सकें.

पॉर्न देखने का दूसरा कारण, दिनभर की थकान दूर करने के लिए लोग पॉर्न देखते हैं. यानी पॉर्न साइट में हैदराबाद गैंगरेप को सर्च करने वाले लोग लड़की का तड़पना देखकर अपनी थकान दूर करने की कोशिश में हैं.

पॉर्न इंडस्ट्री भी बाकी इंडस्ट्री और बिजनेस की तरह ही है. यहां कुछ लोग अपनी मर्जी से भी काम करते हैं. वीडियो बनाते हैं. उन वीडियो को देखिए, जहां लड़की अपनी मर्जी से किसी के साथ इंटीमेट हो रही हो.

मगर हमारे यहां पॉर्न का कल्चर ऐसा है. या यूं कहें कि रेप का कल्चर ऐसा है. कि रेप अपने आप में एक पॉर्न की केटेगरी है. लोग देखना चाहते हैं कि कैसे एक लड़की के ऊपर चार-पांच लड़के हावी हो रहे हैं, कैसे उसे कंट्रोल कर रहे हैं.

Veterinary Doctor Gangrape

लड़की का शव हाईवे के ब्रिज के नीचे मिला था. 28 नवंबर की सुबह करीब 6 बजे.

‘फाइट द न्यू ड्रग’ के मुताबिक पॉर्न देखने का तीसरा कारण अकेलापन है. लेकिन इस अकेलेपन को दूर करने के लिए गैंगरेप को देखना क्या सही है? क्या इसे देखकर अकेलापन दूर हो जाएगा?

चौथा कारण है बोरडम. यानी बोर होना. इसके खात्मे के लिए और बोरिंग टाइम को एंजॉयबल बनाने के लिए भी लोग पॉर्न देखते हैं. यानी जिन 8 मिलियन लोगों ने हैदराबाद गैंगरेप का शिकार हुई लड़की का नाम सर्च किया है, उनमें से बहुत तो खलिहर होंगे. जिनके पास करने के लिए कुछ और काम नहीं होगा. तो सोचा कि चलो रेप का वीडियो देखकर ही एन्जॉय करेंगे.

एक लड़की जो किसी काम से बाहर गई थी. सोसायटी के टाइम-टेबल के मुताबिक उसे घर लौटने में देर हो गई थी. क्योंकि सोसायटी को तो लगता है कि शाम 7 के बाद लड़कियों को घर से बाहर ही नहीं निकलना चाहिए. तो इसी टाइम-टेबल के हिसाब से देखा जाए, तो लड़की को बहुत-बहुत देर हो गई थी. रात के 9.30 बज गए थे. वो घर नहीं पहुंच पाई थी. उसकी स्कूटी पंक्चर हो गई थी. मौका देखकर अजनबी लोगों ने उसे मदद देने की कोशिश की. और इसी मदद की आड़ में उसे सुनसान जगह लेकर गए, जहां एक-एक करके उसका गैंगरेप किया. वो चीखे नहीं, इसलिए उसकी आवाज़ दबाने के लिए उसके मुंह और नाक को दबा दिया गया. सांस रुकी और वो मर गई. फिर उसकी लाश को जला दिया गया.

इस पूरी प्रक्रिया को लोग अब पॉर्न में देखना चाह रहे हैं. एक-एक पल को देखकर यौन सुख लेना चाहते हैं, थकान दूर करना चाहते हैं, अकेलापन और बोरडम खत्म करना चाहते हैं.

बीमार व्यक्ति का इलाज का इलाज हो सकता है. बीमार मानसिकता का इलाज नहीं हो सकता है. किसी की पीड़ा में, किसी के साथ ह उई यौन हिंसा में सुख खोजना भी ऐसी ही लाइलाज बीमारी है.



Reported By:ADMIN
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