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राहुल द्रविड़ पर लगे आरोपों पर जरूरी फैसला आया है

आज मयंक अग्रवाल ने एक बेहतरीन शतक जमाया, टी20 सीरीज़ में दीपक चाहर ने कमाल किया. रिषभ पंत, पृथ्वी शॉ और शुभमन गिल जैसे कितने ही खिलाड़ी टीम इंडिया की रेस में हैं. लेकिन ये सभी खिलाड़ी जिस अकेडमी से होकर आए हैं वो बेहद खास है. उस अकेडमी का नाम है ‘राहुल द्रविड़ क्रिकेट अकेडमी’. कहीं आप ऐसा तो नहीं सोच रहे कि इस नाम की कोई अकेडमी है. नहीं जी, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. दरअसल द्रविड़ एनसीए यानी नेशनल क्रिकेट अकेडमी के प्रमुख हैं. इस  अकेडमी में भारतीय क्रिकेटर्स को ट्रेनिंग मिलती है. द्रविड़ इंडिया ए और अंडर-19 टीम के कोच भी रह चुके हैं.

द्रविड़ से कोचिंग लेकर ही टैलेंटेड खिलाड़ियों की एक पूरी खेप टीम इंडिया तक पहुंची है. खैर, अब कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट के एक मामले में द्रविड़ के फेवर में फैसला आया है.

मामला क्या है?

कुछ समय पहले एमपी क्रिकेट संघ के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता ने द्रविड़ पर कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट के मामले में नोटिस भिजवाया था. इन्होंने कहा था, द्रविड़ एनसीए के निदेशक हैं और साथ ही साथ वह आईपीएल फ्रेंजाइजी चेन्नई सुपर किंग्स का मालिकाना हक रखने वाली इंडिया सीमेंट्स ग्रुप में उपाध्यक्ष भी हैं.

इस आरोप पर द्रविड़ ने सफाई दी थी. उन्होंने कहा था, ‘मैंने इंडिया सीमेंट्स के अपने पद से छुट्टी ले रखी है.’ इस मामले में इंडिया सीमेंट्स ने कहा था, ‘द्रविड़ ने बीसीसीआई और एनसीए प्रमुख के तौर पर अपनी प्रतिबद्धताओं को देखते हुए दो साल की छुट्टी ले रखी है.’

अब इस मामले में लोकपाल डीके जैन ने द्रविड़ को क्लीनचिट दे दी है. जैन ने कहा, “मैंने द्रविड़ के खिलाफ हितों के टकराव से जुड़ा कोई भी मामला नहीं पाया.”

आदेश की कॉपी में लिखा है, “द्रविड़ को हितों के टकराव से मुक्त पाया गया है. इस संबंध में दोनों पक्षों को जानकारी दे दी गई है. साथ ही बीसीसीआई को भी बता दिया गया है. यह इस मामले में अंतिम फैसला रहेगा.”

राहुल द्रविड़ से पहले गांगुली भी इस लपेटे में आ चुके हैं.

राहुल द्रविड़ से पहले गांगुली भी इस लपेटे में आ चुके हैं.

BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली ने किया था द्रविड़ का बचाव:

इस मामले में बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली काफी नाराज हुए थे. उन्होंने द्रविड़ पर आरोप लगाने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि ‘कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट भारतीय क्रिकेट में एक नया फैशन बन गया है. यह खबरों में रहना का तरीका है.’

इसमें सीओए प्रमुख विनोद राय ने भी द्रविड़ का बचाव किया था. उन्होंने कहा था कि ‘द्रविड़ का छुट्टी पर रहना उन्हें हितों के टकराव से दूर रखता है.’



Reported By:ADMIN
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