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जम्मू कश्मीर: पर्यटन विभाग के कर्मचारियों को मिलेगा डबल प्रमोशन

श्रीनगर: कश्मीर घाटी में पिछले करीब दो महीने से ठप्प पड़े पर्यटन क्षेत्र को दोबारा से पटरी पर लाने के लिए पर्यटन विभाग ने तेज़ी से काम शुरू कर दिया है. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभाग डबल प्रोमोशन की प्लानिंग कर रहा है. जम्मू कश्मीर से 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाने की घोषणा से पहले 2 अगस्त को राज्य सरकार के गृह विभाग द्वारा पर्यटकों को राज्य छोड़ने के लिए एक एडवाइज़री जारी की गई थी. अब हालातों में सुधार होते देख इसे वापस ले लिया गया है और पर्यटकों को अपने घाटी के दौरे के दौरान हर सुविधा प्रदान करवाने का आश्वासन भी दिलाया गया है.

पर्यटन क्षेत्र में आई भारी गिरावट की भरपाई करने के लिए अब कश्मीर के पर्यटन विभाग ने एक ठोस योजना तैयार कर ली है. इन दो महीनों के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए डबल प्रोमोशन का एजेंडा अपनाने की योजना बनाई है. 

निसार अहमाएद निर्देशक कश्मीर पर्यटन विभाग ने बताया 'आमतौर परहम हमेशा घाटी में पर्यटन को बढ़ाने के लिए प्रमोशन करते रहते हैं, लेकिन इस बार डबल प्रमोशन कर रहा है. इसके लिए हम देश के कोलकाता, बैंगलोर, आदि जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ मलेशिया, थाईलैंड, बांग्लादेश आदि जैसे देशों में रोड शो कर प्रोमोशन करने जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि इसके अलावा देश के बड़े एयरपोर्ट्स पर भी स्लाइडस लगाकर पब्लिसिटी करेंगे. इस बार हमने यह भी फैसला लिया है हम इस बार एक पूरी ट्रेन लेंगे, जिसके बाहर पब्लिसिटी की विभिन चीज़ें लगाई जाएंगी. देश के अलग-अलग हिस्सों में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का भी सहारा लिया जाएगा. बाहर के टूरिज्म प्लेयर्स को यहां लाया जाएगा ताकि जो निगेटिव पब्लिसिटी कश्मीर को लेकर हुई है उसे दूर किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि हम घाटी के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों से भी बातचीत कर पर्यटकों को विशेष डिस्काउंट भी दिलाने की कोशिश करेंगे. वानी के अनुसार अब पहले विंटर टूरिज्म पर ध्यान दिया जाएगा, जिसके लिए लगभग सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं. उन्होंने कहा कि कई इवेंट्स का आयोजन किया जाएगा ताकि पर्यटकों की वापस करवाई जा सके'.

पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोग सरकार द्वारा 2 अगस्त को जारी की गयी एडवाइज़री को वापस लेने को एक अच्छा कदम मानते हैं, लेकिन वह सरकार से कम्युनिकेशन को बहाल करने की मांग भी कर रहे हैं. ट्रेवल एजेंट अल्ताफ अहमद ने बताया 'सरकार द्वारा लिया गया फैसला कश्मीर में पर्यटकों को वापस लाने की ओर पहला कदम है. 

उन्होंने कहा कि कश्मीर एक ऐसी टूरिस्ट डेस्टिनेशन है जहां 12 महीने पर्यटक आना चाहते हैं. अल्ताफ के अनुसार हम देश विदेश में अपने क्लाइंट्स के साथ संपर्क करने की पूरी कोशिश में हैं. लेकिन सरकार को यहां कम्युनिकेशन, इन्टरनेट आदि जैसी सुविधाओं को बहाल करने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि हम लोगों से अपील करते हैं कि यहां आएं और इस जानत-ए-बेनजीर का लुत्फ़ लें.'

5 अगस्त के बाद से पर्यटन क्षेत्र में आई गिरावट के चलते न केवल पर्यटन क्षेत्र से जुड़े व्यापारियों पर असर पड़ा था, बल्कि हजारों लोगों की नौकरियां भी चली गयी थी. मिली जानकारी के अनुसार राज्य में करीब 15 लाख लोग पर्यटन के साथ जुड़े हुए हैं और पर्यटन क्षेत्र राज्य की जीडीपी में करीब 16 प्रतिशत का योगदान देता है. वहीँ सूत्रों के अनुसार प्रिंसिपल सेक्टरी टूरिस्म और अन्य आला अधिकारियों की अगुवाही में एक उच्च स्तरीय बैठक भी आयोजित की गयी जिसमें पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाए जाने वाली योजनाओं पर विचार विमर्श किया गया.



Reported By:ADMIN
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