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रसायन के क्षेत्र में 3 वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार

स्टॉकहोम: रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने बुधवार को लिथियम-आयन बैटरी के विकास के लिए तीन वैज्ञानिकों को रसायन विज्ञान क्षेत्र में 2019 के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया है. ऑस्टिन में टेक्सास विश्वविद्यालय के जॉन बी. गुडेनफ, बिंघमटन विश्वविद्यालय के एम. स्टैनली विटिंघम और मिजो विश्वविद्यालय के अकीरा योशिनो को पुरस्कार के तौर पर 90 लाख स्वीडिश क्रोनर (912,000 डॉलर) मिलेंगे, जिसे वे समान रूप में बांट लेंगे. यहां जारी की गई एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तीन वैज्ञानिकों ने एक रिचार्जेबल दुनिया का निर्माण किया, जिसके आधार पर उन्हें सम्मानित किया गया है.

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, 'यह हल्की, रिचार्जेबल और शक्तिशाली बैटरी अब मोबाइल फोन से लेकर लैपटॉप और इलेक्ट्रिक वाहनों तक सभी में उपयोग की जाती है.' रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज के अनुसार, 1941 में ब्रिटेन में पैदा हुए विटिंघम ने विकासशील तरीकों पर काम किया, जिससे जीवाश्म ईंधन मुक्त ऊर्जा प्रौद्योगिकियों का विकास संभव हो सका.

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, 'लिथियम-आयन बैटरी की नींव 1970 के दशक में तेल संकट के दौरान रखी गई थी. उन्होंने सुपरकंडक्टर्स पर शोध शुरू किया और एक अत्यंत ऊर्जा से भरपूर सामग्री की खोज की, जिसका इस्तेमाल उन्होंने लिथियम बैटरी में एक उन्नत कैथोड बनाने के लिए किया.'

इसी के साथ जर्मनी के जेना में 1922 में पैदा हुए गुडेनफ ने अनुमान लगाया था कि कैथोड की क्षमता और भी अधिक होती अगर इसे मैटल सल्फाइड के बजाय मैटल ऑक्साइड का उपयोग करके बनाया जाता. गुडेनफ (97) सबसे उम्रदराज नोबेल पुरस्कार विजेता बन गए हैं.

गुडेनफ के कैथोड के आधार पर जापान के सुइता में 1948 में पैदा हुए अकीरा योशिनो ने 1985 में व्यावसायिक रूप से पहली सक्षम लिथियम आयन बैटरी बनाई. रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज द्वारा प्रदान किया जाता है. यह उन पांच नोबेल पुरस्कारों में से एक है, जो अल्फ्रेड नोबेल की याद में प्रदान किए जाते हैं.



Reported By:ADMIN
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