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फ़ारूख अब्दुल्ला 113 करोड़ रुपयों के गबन के केस में फंस गए हैं

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूख अब्दुल्ला अब मुसीबत में है. प्रवर्तन निदेशालय उनके खिलाफ जांच कर रहा है और कल बुधवार को यानी 31 जुलाई को उनसे पांच घंटे तक पूछताछ भी हुई. फ़ारूख पर 100 करोड़ रुपयों से भी ज्यादा पैसों के घोटाले का आरोप है.

फ़ारूख जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष थे. उन पर आरोप है कि अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने पैसे की अनियमितता की. कल जब पूछताछ के लिए फ़ारूख अब्दुल्ला को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर बुलाया गया, तो फ़ारूख अब्दुल्ला अपने वकीलों के साथ पहुंचे. ED ने फ़ारूख के साथ आए वकीलों को अन्दर आने नहीं दिया. बाद में फ़ारूख अब्दुल्ला अकेले अन्दर गए 12:30 बजे, और बाहर आए शाम 5:30 बजे.

आरोप है कि फ़ारूख अब्दुल्ला ने 113 करोड़ रुपयों का गबन किया है. गौरतलब है कि फ़ारूख साल 2001 से लेकर 2011 तक क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष थे. इस दौरान क्रिकेट एसोसिएशन को बीसीसीआई की ओर से 113 करोड़ रूपए मुहैया कराए गए थे, ताकि राज्य में क्रिकेट को बढ़ावा दिया जा सके. इसके अलावा इन पैसों का प्रमुख उद्देश्य एक भव्य खेल स्टेडियम का निर्माण करना भी था.

लेकिन इस फंड को पूरी तरह खर्च नहीं किया जा सका. आरोप है कि इन पैसों में से 43.69 करोड़ रुपयों का कोई हिसाब नहीं मिल सका है. ऐसे में अनुमान लगाए जा रहे हैं कि इन पैसों का गबन हुआ है.

इस मामले में फ़ारूख अब्दुल्ला के अलावा क्रिकेट एसोसिएशन के तत्कालीन महासचिव मोहम्मद सलीम खान, कोषाध्यक्ष एहसान अहमद मिर्ज़ा, और जम्मू-कश्मीर बैंक का एक कर्मचारी बशीर अहमद मिसगर आरोपी हैं. इन सभी लोगों पर आपराधिक साजिश के आरोप हैं.

साल 2015. मामले की जांच जम्मू-कश्मीर पुलिस कर रही थी, लेकिन राज्य के हाईकोर्ट को लगा कि इस मामले में फ़ारूख अब्दुल्ला जैसा बड़ा नाम होने से पुलिस पूरी स्वायत्तता से अपना काम नहीं कर पा रही है. तब इस साल ये मामला सीबीआई को सौंप दिया गया. मामले की जांच दो खिलाड़ियों याक़ूब डार और निस्सार अहमद खान की याचिका पर सुनवाई के बाद शुरू हुई थी.

सीबीआई ने इस मामले में FIR दायर की. 18 जुलाई 2018 को इस मामले में सीबीआई ने चार्जशीट दायर की. FIR और चार्जशीट दोनों में फ़ारूख अब्दुल्ला का नाम शामिल था. हालांकि फ़ारूख अब्दुल्ला लगातार ये कहते रहे हैं कि ये उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाए गए आरोप हैं.

कई मीडिया समूहों ने सूत्रों के हवाले खबर छापी है कि फ़ारूख अब्दुल्ला कल ED से पूछताछ के दौरान अधिकतर समय चुप ही रहे. इस मामले में सूबे की सियासत थोड़ी-थोड़ी गर्म होने लगी है.

सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी अब इस मामले में अपने बयानों के साथ आ गयी हैं. उन्होंने ट्वीट किया है,

“ये क्रिकेट स्कैम बहुत पुराना केस है, जिसमें पीछे कुछ समय से जांच चल रही है. ED फ़ारूख साहब से उसी समय पूछताछ कर रही है, जब जम्मू-कश्मीर की मुख्य पार्टियां राज्य की यूनीक पहचान के लिए खड़ी हैं. इसी समय पूछताछ करना संदेह और सवाल खड़े करता है.”

उन्होंने आगे सरकार पर सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप इशारों में लगाया है और कहा है,

“जो आपके सामने जीहुज़ूरी न करें या आपसे अलग मत रखें, उनके ख़िलाफ़ केन्द्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करना काफी बेशर्मी भरा एक्शन है.”




Reported By:ADMIN
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