Business News 

कचौड़ी भंडार पर छापा के लिए 45 मिनट इंतजार करना पड़ा था अधिकारियों को

सोचिए आपको बहुत तेज़ भूख लगी है, किसी होटल में बैठकर आपने खाना ऑर्डर किया और वो खाना पौना घंटे बाद आया. कितना खिसियाएगा मन आपका. आप या ता होटल वाले को डांट देंगे, या फिर खाना आने से पहले ही उठ कर चल देंगे. लेकिन मुकेश कचौड़ी भंडार के साथ ऐसा नहीं है. यहां ग्राहक आते भी हैं, खाने का इंतजार भी करते हैं. फिर पौना घंटा के बाद खाने का आनंद भी उठाते हैं.

हम बात अलीगढ़ के मुकेश कचौड़ी भंडार की कर रहे हैं. आज कल ये नाम बड़ा ही फेमस हो चुका है. जब से जीएसटी वालों की रेड पड़ी है, तब से पूरी दुनिया इस कचौड़ी वाले की बात कर रही है. वैसे रेड पड़ने की बात तो हम आपको पहले ही बात चुके हैं, आज वे बताने जा रहे हैं, जिसे पढ़कर आपको थोड़ा दिलचस्प लगेगा.

तो बात पिछले महीने की है. किसी ने अलीगढ़ टैक्स विभाग में शिकायत की कि मुकेश कचौड़ी भंडार बहुत पइसे बना रहा है. टैक्स वालों ने पूछा सही बोल रहे हो क्या. सामने वाले ने कह दिया कि जाकर खुद देख लीजिए.

महीने भर की तैयारी के बाद टैक्स वाले मुकेश कचौड़ी भंडार पहुंचे. छापा मारने नहीं बल्कि कचौड़ी खाने. बाकायदा अफसरों ने खाने का ऑर्डर दिया, लेकिन उन्होंने देखा कि खाना पौना घंटे बाद आया. ये बात दिन के वक्त की थी यानी की 7 से 11 बजे के बीच की. और तो और दुकान पर इतने कस्टमर्स थे कि वे खड़े भी नहीं हो पा रहे थे. दिन की भीड़ देखने के बाद अफसर फिर दोपहर में दुकान पर पहुंचे. लेकिन इस बार भी उन्हें कचौड़ी हाथों-हाथ नहीं मिली, 10 मिनट का इंतजार करना ही पड़ा. अफसर फिर से शाम के वक्त लौटे और हालात इस बार भी कुछ वैसे ही थे.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक अफसरों ने 3 दिन इस रूटीन को फॉलो लिया. छापा मारने से पहले बढ़िया से ठोक-बजा कर देख लिया कि दुकानदार कितने पइसे बना रहा है. पीएम मोदी ने कहा था कि 40 लाख तक की बिक्री पर जीएसटी देने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन यहां तो मामला 60-70 लाख तक जा रहा था. जिसके बाद 20 जून को टैक्स डिपार्टमेंट ने छापा मार दिया. वो भी कुल 12 अफसरों के साथ.

View image on TwitterView image on TwitterView image on Twitter

ANI UP@ANINewsUP

Aligarh: An outlet 'Mukesh Kachori Bhandar' has come under the radar of Commercial Tax department for not paying tax & not getting registered under the GST (Goods and Service Tax) Act.

506

3:42 PM - Jun 25, 2019

166 people are talking about this

Twitter Ads info and privacy

कमर्शियल टैक्स ऑफिस के डिप्टी कमिश्नर आरपीएस कौटनी के मुताबिक उन्होंने लगभग 4 बजे के करीब दुकान पर छापा मारा, लेकिन उस वक्त भी 45 के करीब कस्टमर्स दुकान पर मौजूद थे. छापेमारी के वक्त दुकान पर इतनी भी जगह नहीं थी कि दुकान के मालिक माखन लाल खड़े हो सके.

अलीगढ़ के कमर्शियल टैक्स ऑफिसर एके माहेश्वरी के मुताबिक-

हमें दुकान पर छापेमारी के दौरान 4 कमर्शियल सिलेंडर मिले. दो सिलेंडर का इस्तेमाल किया जा रहा था, जबकि दो ऊपर स्टोर में पड़े थे. एक सिलेंडर की कीमत 1800 रुपये पड़ती है. ये रोज़ 800 रुपये के करीब का दही इस्तेमाल करते हैं. उसके अलावा रिफाइन और बाकी के सामान को देखकर लगा कि मोटा-माटी एक दिन में इनका सामान पर 6 से 7 हज़ार रुपये का खर्च होता है.

इस हिसाब से इनके रोज़ की बिक्री करीब 17 से 20 हज़ार रुपये की होती है. अगर इसे महीने में कनवर्ट करे तो 5 से 6 लाख और अगर साल की बात करे इनका टर्नओवर 60 से 70 लाख रुपये चला जाता है. जिसका मतलब बनता है कि ये हर हाल में जीएसटी के दायरे में आते हैं. लेकिन इन्होंने जीएसटी का रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है.

जबकि दूसरी तरफ दुकान के मालिक माखन लाल का कहना है-

टैक्स वालों को गलत जानकारी मिली है. हम एक दिन में 2 से 3 हजार रुपये से ज्यादा का कारोबार नहीं करते हैं. इसे साल के हिसाब से जोड़े तो ये 12 लाख से ऊपर नहीं बनता है. कमाई के हिसाब से भी हम जीएसटी के दायरे में नहीं आते हैं. हम बस इतना पैसा बनाते हैं जिससे 15 लोगों का परिवार आराम से चल जाता है. क्या वे आलू-कचौड़ी पर जीएसटी लगवाना चाहते हैं. अगर ऐसा होगा तो इसकी कीमत महंगी हो जाएगी और कोई इसे नहीं खरीदेगा.

View image on Twitter

View image on Twitter

ANI UP@ANINewsUP

Replying to @ANINewsUP

Mukesh, the shopkeeper says,"My shop was raided on June 20. My daily sale is around Rs. 2000-3000. Modi Ji had said that GST registration is required in turnover of more than Rs 40 lakh, my income is not even half of it. These people are threatening me now."

197

3:42 PM - Jun 25, 2019

86 people are talking about this

Twitter Ads info and privacy

मुकेश कचौड़ी भंडार के मालिक माखन लाल हैं. जो अपने तीन बेटे मुकेश दास, भगवान दास और बंटी के साथ दुकान चलाते हैं. इस दुकान पर एक प्लेट कचौड़ी की कीमत 24 रुपये है जबकि रायता के लिए अगल से 5 रुपये देना पड़ता है. माखन लाल ने दुकान का नाम अपने बड़े बेटे मुकेश के नाम पर ही रखा है.

माखन लाल ने बताया कि उन्होंने आलू-कचौड़ी बेचना 5 साल पहले शुरू किया. कई बिजनेस में नुकसान कराने के बाद इस काम में फायदा हुआ. इन्होंने अपनी दुकान को फूड सेफ्टी और ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन में भी रजिस्टर करा रखा है. माखन लाल ने दुकान के बारे में बताया-

हर दिन तीनों बेटे 4 बजे के करीब दुकान पर पहुंचते हैं. 25 किलो आलू की सब्जी खुद के मसाले से तैयार करते हैं. 15 किलो आटे की कचौड़ी और फिर रायता बनाते हैं. दुकान पर दो हेल्पर आते हैं जो रोज़ का 300 रुपये लेते हैं. 6 बजे दुकान खुलने के बाद 7 बजे धीरे-धीरे कस्टमर्स आने शुरू हो जाते हैं. हमारी दुकान पर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन, स्कूल और पूरे अलीगढ़ से लोग कचौड़ी खाने आते हैं. हम सातों दिन के साथ हर त्योहार में दुकान खोलते हैं.

छापेमारी के बाद दुकान के मालिक माखन लाल और बड़े बेटे मुकेश काफी परेशान हैं. लेकिन माखन लाल का दूसरा बेटा इसे एन्जॉय कर रहा है. उन्होंने कहा-

ये बढ़िया है, हम अभ फेसबुक, व्हाट्स अप हर जगह छा चुके हैं. खबरों में हैं. लोग हमारे बारे में बात कर रहे हैं. हम अब दुनियाभर में फेमस हो चुके हैं.

टैक्स विभाग के अधिकारी कौटनी के मुकाबिक इस मामले में अभी रिपोर्ट तैयार होगी. 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट तैयार करने के बाद ये जीएसटी डिपार्टमेंट को सौंपी जाएगी. जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी. फिलहाल के लिए दुकान पर कचौड़ी मिल रही है. जाइये और आप भी खा आइये.



Reported By:ADMIN
Indian news TV