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युवराज और उनसे छह छक्के खाने वाले ब्रॉड के बीच की बातचीत आपका दिन बना देगी

युवराज सिंह रिटायर हो गए. यूं तो किसी के जाने से कुछ नहीं रुकता लेकिन फिर भी कितने ही लोग अचानक से खालीपन महसूस कर रहे हैं. सेलेब्रिटीज़ से लेकर आम क्रिकेट फैन्स तक सबने अपने-अपने सोशल मीडिया हैंडल्स युवराज की याद में पाट दिए. कितने ही लोग भावुक हुए. युवराज को दुनिया भर से मिल रहे ग्रैंड सैल्यूट के बीच एक ऐसी बधाई भी मिली उनको, जिसने सबको खुश करके रख दिया. 12 साल पहले उनसे छह छक्के खाने वाले स्टुअर्ट ब्रॉड ने ट्वीट करके कहा कि ‘लीजेंड, रिटायरमेंट एन्जॉय करो’. बदले में युवराज ने भी तुरंत जवाब देते हुए कहा, “आप लीजेंड हो दोस्त, मज़बूती से सफर जारी रखिए”.

देखिए दोनों के ट्वीट्स, फिर आगे बात करते हैं.

 

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दरअसल ब्रॉड और युवराज दोनों ही शानदार खिलाड़ी हैं. ज़रा यादों के दरीचे खोलते हैं.

2007 का पहला टी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप. तारीख 21 मार्च. युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड को छः गेंदों पर छः छक्के मारे थे. उस मैच से कुछ चीज़ें आज तक याद हैं फ्रेम दर फ्रेम. युवराज सिंह का खिलखिलाता हुआ चेहरा, धोनी का उन्हें गले लगाना, स्टेडियम में ख़ुशी से मदहोश लोग और रवि शास्त्री की चीखती सी आवाज़. ये तो सब याद है ही, इसी के साथ याद है स्टुअर्ट ब्रॉड का आंसुओं को बमुश्किल रोकता चेहरा. आंसू शायद उनके अंदर कहीं रिस रहे थे. यूं लगा था जैसे सब ख़त्म हो गया हो उनके लिए. युवराज ने उनकी गेंदों को आसमान में नहीं उछाला था, बल्कि उनके आत्मविश्वास को किंग्समीड, डरबन के उस स्टेडियम में हवा में बिखेर दिया था. एक करियर के असमय अंत की पटकथा सा था वो युवराज का आतिशी प्रहार.

पढ़िए उस एक ओवर की कमेंट्री. Image Courtsey - ESPNCRICINFO

पढ़िए उस एक ओवर की कमेंट्री. Image Courtsey – ESPNCRICINFO

फास्ट फॉरवर्ड. चार साल बाद 2011 में इंडियन टीम इंग्लैंड दौरे पर गयी. सीरीज के अंत में नतीजे कुछ यूं थे. इंग्लैंड ने टेस्ट सीरीज 4-0 से और वन डे सीरीज 3-0 से जीती. एकमात्र ट्वेंटी-ट्वेंटी भी जीत लिया. भारत बिना जीत के लौटा उस दौरे से. और इस सबमें जिस ख़िलाड़ी का सबसे बड़ा योगदान था वो स्टुअर्ट ब्रॉड थे. ख़ास तौर से टेस्ट सीरीज में. 25 विकेट लेकर मैन ऑफ़ दी सीरीज बने थे वो. क्या फील्ड में, क्या गेंदबाज़ी में और क्या बैटिंग में, हर जगह छाया था ये नाम. ऐसे खेल रहा था वो शख्स, जैसे कुछ साबित करना हो उसने. फीनिक्स की तरह वर्स्ट से बेस्ट की तरफ लौटता हुए ब्रॉड बहुत भले लगे थे उस वक्त.

आज इन दोनों खिलाड़ियों के बीच दोस्ताना बातचीत देखकर ये सब याद आ गया. इनकी बातचीत क्रिकेट के खूबसूरत खेल का बहुत लुभावना विज्ञापन है. मैदान पर कितनी ही दुश्मनी निभा लो, मैदान के बाहर एक दूसरे के खेल का सम्मान करते ये खिलाड़ी इस खेल से लोगों की मुहब्बत को कभी मरने नहीं देंगे. वेल प्लेड युवी, वेल प्लेड स्टुअर्ट.



Reported By:Admin
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