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सासण गीर में सिंहों के उपचार- सेवा की आधुनिकतम लॉयन एम्बुलेंस को मुख्यमंत्री ने करवाया प्रस्थान

 

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सिंह संवर्धन और गीर के जंगलों की देखरेख के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री

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एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के अंतर्गत 30 सिंहों की गर्जना अन्य राज्यों में

भी सुनायी देगी और 142 दुर्लभ वन्य प्राणी गुजरात आएंगे

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मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी ने सासण गीर के सिंहों के उपचार के लिए आधुनिकतम सुविधायुक्त लॉयन एम्बुलेंस को फ्लैग ऑफ करवाकर रवाना करवायी। उन्होंने सासण गीर के नजदीक स्थित वन्य प्राणी उपचार के रेस्क्यु सेंटर का दौरा किया रेस्क्यु सेंटर में उपचाररत वन्य प्राणियों की जानकारी ली और उन्हें और बेहतर उपचार देने का निर्देश दिया।

श्री रूपाणी ने लैबोरेटरी सुविधा, रेस्क्यु ऑपरेशन के समय उपयोग में लिए जाने वाले आधुनिक साधनों, अन्य स्टाफ सहित तमाम जानकारी ली और सासण में सिंह संवर्धन के लिए खड़ी की गई व्यवस्थाओं के लिए वन अधिकारियों और विभाग को शुभकामनाएं दी।

उन्होंने कहा कि 350 करोड़ के खर्च से सिंहों के संवर्धन का प्रोजेक्ट शुरु किया गया है। वन विभाग में बीट गार्ड की भर्ती तथा पूर्ण विभाग संबंधी हुए कार्यों का जायजा लिया। साथ ही, गीर क्षेत्र के लोगों के सहयोग के साथ पर्यावरण संरक्षण सहित प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण भी किया।

एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के अंतर्गत गुजरात के सिंह कर्नाटक, आन्ध्रप्रदेश और युपी सहित राज्यों को देने और इसके बदले में उन राज्यों में से अन्य पशु-पक्षी गुजरात लाने के प्रोग्राम का मुख्यमंत्री ने शुभारम्भ करवाया। इस प्रोग्राम के अंतर्गत गीर के सिंहों को अन्य राज्यों में भेजने का आयोजन है।

अन्य राज्यों की 142 से ज्यादा दुर्लभ प्राणियों के दर्शन गुजरात के लोग भी कर सकें, इसके लिए इन वन्य प्राणियों को सक्करबाग जू में लाने का आयोजन किया गया है। कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और उत्तरप्रदेश सहित राज्यों में सिंह सहित गीर के वन्य प्राणियों को भेजा जाएगा।

सासण के आसपास के क्षेत्र के हस्तकला कारीगरों को रोजगार का प्लेटफॉर्म मिल सके और पर्यटकों को गीर की पहचान पता चले, इसके लिए सिंह सदन में कार्यरत हेंडीक्राफ्ट शॉप से मुख्यमंत्री ने कारीगरों को प्रोत्साहन देते हुए टीशर्ट और कैप खरीदी।

सिंह सदन दौरे के समय मुख्यमंत्री के साथ वन मंत्री श्री गणपतभाई वसावा और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।



Reported By:Admin
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