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मनमोहन सिंह का ये वीडियो देखकर लगता है उन्हें ही कांग्रेस संभालनी चाहिए

नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं. गुजरात चुनाव में प्रचार के दौरान पिछले हफ्ते पालनपुर में एक रैली में वे बोले. बड़ा-बड़ा तो वो हमेशा ही बोलते हैं, यहां सनसनीखेज़ बोल गए. इतना कि इसमें भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व सेनाध्यक्ष पर देशद्रोह टाइप के इल्ज़ाम लग गए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत के खिलाफ साजिश रच रही है. उन्होंने कहा कि गुजरात चुनाव में पाकिस्तान सीधे तौर पर हस्तक्षेप कर रहा है और कांग्रेस के नेता उसकी मदद ले रहे हैं. वे पूर्व-कांग्रेस नेता मणि शंकर अय्यर के घर पर हुए डिनर की बात कर रहे थे जिसमें मनमोहन सिंह पाकिस्तान के पूर्व-विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी से मिले थे.

उस डिनर में पूर्व सेनाध्यक्ष (आर्मी चीफ) दीपक कपूर भी मौजूद थे. उन्होंने मोदी की बात का जवाब दिया. साफ कहा कि डिनर हुआ था मगर उसमें गुजरात की कोई बात नहीं हुई. बस ये बात हुई कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते को कैसे बेहतर किया जाए. किस तरह कश्मीर की समस्या को सुलझाया जाए. इन सब जवाबों के बीच पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी चुप्पी जैसे तोड़ी वो जोरदार है. वे लंबे समय तक अपनी चुप्पी के लिए हंसी का पात्र बनाए जाते रहे हैं. उन्होंने इस मामले पर सख्ती से पीएम नरेंद्र मोदी को जवाब दिया है. ताज़ा-ताज़ा उनका वीडियो आया है जिसमें वे अपना जवाब दे रहे हैं.

मोदी प्रधानमंत्री हैं, तो मनमोहन सिंह भी पूर्व प्रधानमंत्री हैं. जो आरोप मोदी ने लगाया है, वो बहुत गंभीर है. अगर ये बेबुनियाद है, तो फिर बहुत खतरनाक है. एक वाजिब सवाल पूछा जाना चाहिए फिर. क्या राजनैतिक फायदे के लिए किसी भी हद तक जाया जा सकता है?

मनमोहन सिंह ने कहा है कि मोदी राजनीतिक फायदे के लिए खतरनाक मिसाल रख रहे हैं.

इस वीडियो में उन्होंने क्या कहा है यहां हिंदी में पढ़िएः

” प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राजनैतिक फायदे के लिए फैलाए जा रहे झूठ और अफवाह से मैं बहुत दुखी हूं. साफ दिख रहा है कि गुजरात में हार के डर से प्रधानमंत्री किसी भी तरह के अपशब्द का इस्तेमाल करने से भी नहीं हिचक रहे हैं. बहुत दुख और खेद की बात है कि श्री मोदी एक खतरनाक परंपरा की मिसाल रख रहे हैं. वो हर संवैधानिक पद, यहां तक कि एक पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व सेना प्रमुख पर भी कलंक लगा रहे हैं.

ऐसी पार्टी और ऐसे प्रधानमंत्री, जिनका आतंकवाद से लड़ने का खराब ट्रैक रिकॉर्ड किसी से नहीं छुपा, उससे देशभक्ति का उपदेश सुनने की कांग्रेस को कोई ज़रूरत नहीं है. मैं आज श्री नरेंद्र मोदी को याद दिलाना चाहूंगा कि उधमपुर और गुरदासपुर में हुए आतंकवादी हमलों के बाद वो बिना किसी निमंत्रण के पाकिस्तान पहुंच गए थे. उन्हें देश को ये भी बताना चाहिए कि आखिर क्या कारण था जिसकी वजह से पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी ISI को पठानकोट स्थित हमारे सामरिक महत्व के एयरबेस में आने का आमंत्रण दिया गया. वो भी एक ऐसे आतंकवादी हमले की जांच के लिए जिसकी जड़ें पाकिस्तान से जुड़ी हुई थीं.

पिछले पांच दशकों में मैंने जनता की सेवा के लिए क्या-क्या किया और मेरा ट्रैक रिकॉर्ड क्या कहता है, ये सबको मालूम है. कोई भी, यहां तक कि खुद श्री नरेंद्र मोदी भी, अपने राजनैतिक फायदों के लिए मुझपर या फिर मेरे काम पर उंगली नहीं उठा सकते हैं.

मैं श्री मोदी द्वारा लगाए गए आरोपों, तानों और उनके द्वारा कहे गए झूठ को पूरी तरह खारिज करता हूं. श्री मणिशंकर अय्यर के यहां जो डिनर हुआ, उसमें गुजरात चुनावों को लेकर मैंने किसी के भी साथ कोई बात नहीं की. उस डिनर में मौजूद किसी भी अन्य शख्स ने गुजरात का कोई जिक्र नहीं किया. वहां केवल भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर बात हुई. उस डिनर में कौन-कौन से जाने-माने सरकारी अधिकारी और पत्रकार मौजूद थे, इसका ब्यौरा मेरे बयान के साथ संलग्न है. उनमें से किसी के भी ऊपर किसी भी तरह की देश-विरोधी गतिविधि में शामिल होने का आरोप नहीं लगाया जा सकता है.

मैं उम्मीद करता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी थोड़ी परिपक्वता और गंभीरता दिखाएंगे. वही गंभीरता, जिसकी उम्मीद प्रधानमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति से की जाती है. न कि गलत बातों से गढ़े गए झूठ का फायदा उठाने में अपनी पूरी ऊर्जा खर्च करेंगे. मैं उम्मीद करता हूं कि जिस पद को वो संभाल रहे हैं, उसकी प्रतिष्ठा को वापस कायम करने के लिए श्री मोदी देश से माफी मांगेंगे.”

 

पहला सवाल तो मोदी जी पर ही खड़ा होता है. वो देश के मुखिया हैं. इतनी गंभीर बात पता होते हुए भी उन्होंने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की. ऐसी बातें क्या रैली में बोलने के लिए होती हैं? अगर इतनी बुनियादी बात को नहीं समझ सकते वो, तो इस पद पर क्यों हैं.

मोदी को अगर पाकिस्तान की किसी साजिश का पता है तो उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व-सेनाध्यक्ष को जेल में डालना चाहिए.

नरेंद्र मोदी ने रैली के दौरान मनमोहन सिंह और कांग्रेस पर राजद्रोह सरीखे ऐसे गंभीर आरोप लगाए थे:

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के घर पर एक बैठक हुई, जिसमें पाकिस्तान के उच्चायुक्त, पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री, भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हिस्सा लिया. इस मीटिंग के बाद पाकिस्तान के उच्च पदों पर बैठे लोग गुजरात में अहमद पटेल को मुख्यमंत्री बनाने के लिए सहयोग की पहल कर रहे हैं.

एक तरफ पाकिस्तानी सेना के पूर्व डीजी गुजरात के चुनाव में हस्तक्षेप कर रहे हैं, दूसरी तरफ पाकिस्तान के लोग मणिशंकर अय्यर के घर पर बैठक कर रहे हैं. क्या आप नहीं मानते कि इस तरह की घटनाएं संदेह पैदा करती हैं? इस बैठक के तुरंत बाद कांग्रेसी गुजरात के आम लोगों की, यहां की पिछड़ी आबादी की, गरीब लोगों की और मोदी की बेइज्जती करते हैं. क्या आपको नहीं लगता इन पर शक किया जाना चाहिए? कांग्रेस को देश की जनता को बताना चाहिए कि क्या योजना बन रही थी.

ये तो तय है कि एक पक्ष झूठ बोल रहा है. एक ओर हैं मोदी. मौजूदा प्रधानमंत्री. दूसरी ओर हैं पूर्व आर्मी चीफ और पूर्व प्रधानमंत्री. वैसे ये नहीं भूलना चाहिए कि मोदी ने जब ये आरोप लगाया, तब वो अपनी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे. राजनीति कर रहे थे. राजनीति में सच-झूठ खूब होता है. एक और बात है कि अगर मोदी को ऐसी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के बारे में मालूम था, तो चुप क्यों रहे. प्रधानमंत्री हैं. कार्रवाई क्यों नहीं की? अब तक नहीं की? ऐसे मामले रैली में बोलने के थोड़े न होते हैं. इन सब चीजों को दिमाग में रखें तो लगता है कि PM मोदी का पलड़ा कमजोर है. खुद को सही साबित करने की जिम्मेदारी अब उनकी है.



Posted By:Admin






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