National News 

बीजेपी ने पहली बार NaMo TV को लेकर इतनी बड़ी बात बोली है!

भारतीय जनता पार्टी ने अखिर मान लिया कि NaMo TV भाजपा का ही है. इसे पार्टी का IT Cell चला रहा है. ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत में BJP IT Cell के हेड अमित मालवीय ने कहा ‘NaMo TV नमो एप का फीचर है, जिसे BJP IT Cell चलाता है. पार्टी ने डीटीएच पर स्लॉट खरीदे हैं, जहां इसे दिखाने का प्रावधान है.’

नमो टीवी का जब से जिक्र हुआ, तभी से विवाद इसके साथ जुड़े रहे. पहले खबर आई कि इस चैनल के पास लाइसेंस नहीं है. ये बिना लाइसेंस के चलाया जा रहा है. इसके बाद चुनाव आयोग ने इस मुद्दे पर भाजपा से जवाब मांगा . ये चैनल 31 मार्च, 2019 को लॉन्च हुआ था.  इस पर पार्टी का प्रचार चलता रहता है. नेताओं के भाषण और इंटरव्यू वगैरह चलाए जाते हैं. आदर्श चुनाव आचार संहिता के मद्देनजर इस पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. आखिर चुनावों के बीच ये चैनल कैसे चल रहा है?

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विवेक ओबेराय स्टारर बायोपिक को लेकर भी हंगामा खड़ा हो गया था. आखिर चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव खत्म होने तक फिल्म की रिलीज रोक दी है.

NaMo TV पर क्यों हो रहा बवंडर?

नमो टीवी को शुरुआत में एक विज्ञापन चैनल बताया गया था. मतलब ये कि इस पर सिर्फ इश्तहार चलेंगे. यानी रिकॉर्डेड वीडियो चलाए जाएंगे. मगर, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों का इस चैनल पर सीधा प्रसारण शुरू हुआ, तो विपक्षी दलों ने सवाल खड़े करने शुरू किए. आरोप लगाया कि चैनल भाजपा का प्रचार कर रहा है. ये चुनाव आदर्श आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन है. इस पर रोक लगाई जानी चाहिए.

मोदी समेत भाजपा के बड़े नेताओं के रिकॉर्डेड वीडियो चलाने परमीशन मांगी थी.

मोदी समेत भाजपा के बड़े नेताओं के रिकॉर्डेड वीडियो चलाने परमीशन मांगी थी.

इस विवाद के बीच एक भाजपा नेता चुनाव आयोग पहुंच गए हैं. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा की चुनाव समिति के सदस्य नीरज कुमार ने 29 मार्च को दिल्ली राज्य चुनाव आयुक्त से नमो टीवी का लोगो चलाने की इजाजत भी ले ली. 30 मार्च को ये परमीशन राज्य चुनाव आयोग की मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमेटी यानी MCMC ने दी. लेकिन सिर्फ नमो टीवी का लोगो यानी प्रतीक चिह्न दिखाने के लिए. बीजेपी ने दिल्ली चुनाव आयुक्त की मीडिया कमेटी से नरेंद्र मोदी, अरुण जेटली और अमित शाह जैसे बड़े नेताओं के इंटरव्यू दिखाने के लिए भी परमिशन मांगी थी. मगर मना कर दिया गया.

भाजपा ने चुनाव आयोग में  तर्क दिया था कि नमो टीवी पर सिर्फ वही इंटरव्यू और प्रोग्राम्स के वीडियो दिखाए जाएंगे सार्वजनिक हैं, यानी जो पहले से ही यूट्यूब या दूसरे माध्यमों पर उपलब्ध हैं. बीजेपी की इस मांग को MCMC ने खारिज कर दिया. उसने कहा कि जब ये सब प्रोग्राम पहले से ही पब्लिक डोमेन में हैं, तो फिर इसके लिए इजाजत लेने की जरूरत ही नहीं. जाहिर है, नमो टीवी को सिर्फ लोगो दिखाने की इजाजत मिली है, न कि किसी प्रोग्राम या इंटरव्यू को दिखाने की.  इन सबके बाद भी नमो टीवी का प्रसारण लगातार चल रहा है. पहले चरण के चुनाव हो गए. पर अब तक इस पर रोक नहीं लगी है.

चुनाव आयोग ने क्या कहा है?

चुनाव आयोग ने नमो टीवी को लेकर कोई आदेश तो जारी नहीं किया है. मगर कुछ दिशा निर्देश दिए हैं. आयोग के मुताबिक –

“आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रभावी रहते किसी दल या नेता की जीवनी टीवी या सिनेमा पर नहीं दिखाई जा सकती. कोई उम्मीदवार अपना निजी प्रचार भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर नहीं कर सकता.”  

क्या कहना है भाजपा का?
भाजपा नेता और पार्टी की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस पूरे मामले पर कहा कि –

“हमें अब तक चुनाव आयोग का सर्कुलर नहीं मिला है. हम उसे देखेंगे फिर जवाब देंगे.”

भारतीय जनता पार्टी पहले नमो टीवी को अपना मानने से इनकार करती थी. ये पहली बार है कि बीजेपी ने नमो टीवी को अपना बताया है. प्रधानमंत्री मोदी से भी एक इंटरव्यू में पूछा गया था कि आपके नाम का एक चैनल भी आ गया है, तो उन्होंने कहा था कि ‘चला रहे हैं कुछ लोग. मैं देख नहीं पाया.’ बावजूद इसके कि खुद उन्हीं के आईटी सेल द्वारा इसे चलाया जा रहा था.

अब चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भी चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए ये नियम उन पर भी लागू होता है. इस आदेश को नमो टीवी पर बैन की तरह देखा जा रहा है. हालांकि चुनाव आयोग ने नमो टीवी पर रोक लगाने का कोई सीधा बयान नहीं दिया है. सूत्रों के मुताबिक नमो टीवी पर बैन नहीं लगेगा. बस, जो वीडियो (जिन्हें विज्ञापन बताया जा रहा है) दिखाए जा रहे हैं, उन्हें सत्यापित करवाना होगा.



Reported By:Admin
Indian news TV