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महिला के कंधे पर पति को घुमाने की सज़ा और आस-पास नाचते लोग, ये वीडियो परेशान कर देगा

14वीं सदी में दिल्ली के तख्त पर एक शासक था. मोहम्मद बिन तुगलक. तुगलक का नाम न सिर्फ उसकी बादशाहत और उसके लंबे-चौड़े साम्राज्य के लिए लिया जाता है बल्कि उसके क्रूर फैसलों के लिए भी वो हमेशा याद किया जाता है. आज की तारीख में भी अगर कुछ बहुत बड़ा होता है, या फिर ऐसे फैसले लिए जाते हैं जिससे जनता पर बड़ा फर्क पड़ता है या फिर जनता उस फैसले को एक्सेप्ट नहीं कर पाती है. तो लोग उसे सीधे तौर पर ‘तुगलकी फरमान’ की संज्ञा दे देते हैं.

मध्य प्रदेश की एक ऐसी घटना सामने आई है. जिसे देखकर ‘तुगलकी फरमान’ शब्द को भी शर्म आ जाए. यहां के झाबुआ ज़िले में एक महिला को उसके पति को कंधे पर घुमाने की सज़ा दी गई है. कथित तौर पर महिला पर आरोप लगे कि शादीशुदा होने के बावजूद उसका किसी दूसरे युवक के साथ अफेयर था. और वो कुछ समय पहले उसके साथ भाग गई थी. जिसके बाद वो गांववालों ने उसे ऐसी घटिया सज़ा सुनाई.

ये घटना शुक्रवार यानी 12 अप्रैल की है. लेकिन इसका वीडियो वायरल होना शनिवार से शुरू हुआ है. इस वीडियो में महिला एकदम बदहवास दिख रही है. उसके कंधे पर उसका पति बैठा हुआ है. भारी वजन के चलते महिला चल भी नहीं पा रही है. लेकिन फिर भी आस-पास खड़े लोग उसे ज़बरदस्ती चलने के लिए कह रहे हैं. वीडियो देखने पर ये समझ में आता है कि महिला के पति को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है, वो कंधे पर बैठ कर लोगों के साथ अपनी पत्नी की बेबसी के मज़े ले रहा है. वीडियो के आखिर में दिखता है कि महिला के आस-पास खड़ी भीड़ में से एक युवक, उसके पति के हाथ में छड़ी पकड़ा देता है ताकि रुक जाने की स्थिति में वो अपनी पत्नी को मार सके.

वीडियो के आखिर में आप देख सकते हैं कि भारी वजन की वजह से महिला लड़खड़ाती भी है, लेकिन लड़खड़ाने की वजह से भीड़ में ही खड़ा एक युवक उसे लाठी से पीट देता है.

अब वायरल हो रहे दूसरे वीडियो की बात

33 सेकेंड के दूसरे वीडियो में महिला खेतों की पगडंडी से गुज़रती हुई दिख रही है. उसके पैर लड़खड़ा रहे हैं, लेकिन आस-पास को लोग ज़ोर-ज़ोर से उस पर चीख रहे हैं. उस महिला का मज़ाक उड़ा रहे हैं. ताली बजा रहे हैं. कुछ आस-पास के लोग महिला की बेबसी पर नाच रहे हैं. तो कुछ बेशर्म अपने फोन से वीडियो बना रहे हैं.

वीडियो देखने पर ये साफ समझ में आता है कि उसे इस बात का डर है कि किसी भी सूरत में अगर वो रुकी तो उसकी पिटाई हो जाएगी. इसीलिए वो भीड़ के डर से लगातार चलती चली जाती है.

(नोट: Ani के ट्वीट में ये लिखा है कि महिला ने दूसरे युवक से शादी कर ली है, लेकिन बाद में अपडेट किया गया कि महिला ने युवक से शादी नहीं की है.)

वीडियो वायरल होने के बाद झाबुआ के एसपी विनीत जैन ने जानकारी दी कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि वीडियो में दिख रहे बाकी लोगों को भी पकड़ने की कोशिश की जा रही है.

हमारा टेक

ऐसा बहुत देखने में आता है कि अंदरूनी भारत में महिलाओं और दलितों के साथ घृणित क्रूरताएं की जाती हैं. उन्हें पेड़ से बांधकर पीटना, निर्वस्त्र करना, उनकी हत्या करना, डायन बोलकर हिंसा करना, सिर मूंड देना और मल तक खिला देना, ऐसे ऐसे काम करना जिसकी कल्पना भी कोई इंसानी दिमाग न कर सके. ऐसा सदियों से हो रहा है. लेकिन झाबुआ के इस मामले में शामिल जाहिल लोगों और बाकी सभी भविष्य में ऐसा करने के संभावी जाहिल लोगों को स्पष्ट तौर पर समझ लेना चाहिए कि तुम्हारा टाइम भी आएगा. जेल जाने का. सजा पाने का.

अब वो समय नहीं रहा जब गांव, कस्बे (अमानवीय क्रूरताओं के मामले में वैसे शहर भी पीछे नहीं हैं) की सीमा में ऐसा करते जाते थे और बरसों-बरस किसी को पता न चलता था. अब सोशल मीडिया है, मोबाइल से वहां वीडियो पहुंच जाते हैं, फोटो पहुंच जाती है. बस, वही ऐसे अपराधी किस्म के लोगों का अंत होता है.

एक देश में दस कानून नहीं चलते. संविधान में हमारे बुजुर्गों ने जो अधिकार दिए हैं, जो आदर्श व्यवस्था रची है, वही चलेगी. अगर ये खबर उस गांव का कोई युवा पढ़ रहा हो तो अपने आस पास के लोगों के समझाए कि ये सब हरकतें बंद करे. खुद को जागरूक करे. मीटू मूवमेंट के बारे में जाने. वो आंदोलन जिसने देश, दुनिया के सबसे ताकतवर लोगों को घुटनों पर ला दिया. एक चुटकी में उनकी जिंदगियां बर्बाद कर दी जिन्होंने महिलाओं के साथ किसी भी तरह का शोषण किया था. अगर किसी ने किसी औरत को असहज भी महसूस करवाया तो उसे भी मटियामेट कर दिया गया.

ये युग महिलाओं का है और उनके ताकतवर होने के रथ को कोई रोक नहीं सकता है. ऐसे में आप लोग एक महिला के कंधे पर उसके पति को बैठाकर दौड़ाते हो, उसे डंडे मारते हो. क्यों? क्योंकि वो किसी दूसरे से प्रेम करने लगी, या उसके साथ चली गई.

क्या गलत किया उसने. उसका हक है. उसकी मर्जी है. तुमको दिक्कत है तो कानून के पास जाओ. अगर कानून के पास नहीं जाओगे और अपनी करोगे तो बाद में कानून तो तुम्हारे पास आएगा ही.

ये घटिया और अमानवीय हरकतें हम लोगों के समाज को अब बंद करनी चाहिए. जब गांव-शहर में हमारे आसपास के कुछ लोग अपराधी होने लगें, तो वहां के युवाओं और समझदार लोगों को बीच में आना चाहिए, मूकदर्शक बनकर किनारे नहीं खड़ा रहना चाहिए. समझदार बनें. आगे बढ़ें. पीछे की ओर बर्बर युग में न लौटने लगें.



Reported By:Admin
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