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मंत्री से लेकर नौकरशाह तक कोई नहीं ले रहे सीएडी में दिलचस्पी : गडकरी

नई दिल्लीः केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार (13 मार्च) को कहा कि मंत्री से लेकर सभी नौकरशाह तक हर कोई बड़े बांध बनाने को लेकर 'बहुत खुश' हैं लेकिन कमांड एरिया डेवलपमेंट (सीएडी) क्षेत्र में खेती करने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं हैं. जिससे कि यह सुनिश्चित हो कि सिचाईं का पानी खेतों तक पहुंचे. केंद्रीय मंत्री गडकरी ने सिंचाई क्षेत्र को बढ़ाने पर ध्यान देने की वकालत करते हुए कहा कि, वह बांध के खिलाफ नहीं हैं लेकिन उन्होंने कृषि उपज बढाने के लिए पानी के सौ प्रतिशत प्रयोग का समर्थन किया.

गडकरी ने कहा कि सीएडी में खेत में सुधार की गतिविधियों जैसे कि मैदान, नालियों और चैनलों का निर्माण और पानी के वैज्ञानिक प्रबंध शामलि है, यह सुनिश्चित करने पर कृषि उत्पादन बढ़ता है. उन्होंने कहा सभी की बांध बनाने में बहुत दिलचस्पी है. मुझे नहीं पता कि क्या रुचि है, लेकिन सभी की इसमें काफी दिलचस्पी है. जब बड़ी परियोजनाएं होती हैं तो मंत्री से लेकर नौकरशाहसब बहुत खुश होते हैं.

जल संसाधन मंत्री ने सवाल किया, 'मुझे कहते हुए अफसोस है लेकिन सीएडी में उनकी कोई रुचि नहीं है. फिर योजना का क्या फायदा?' गडकरी ने यहां सीएडी पर एकदिवसीय कांफ्रेंस में ये टिप्पणियां कीं. मंत्री ने यह भी सवाल किया कि अगर पानी खेतों तक नहीं पहुंच रहा है तो बांध का क्या फायदा है.

गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने तत्काल सिंचाई लाभ कार्यक्रम (एआईबीपी) के तहत 78,000 करोड़ रुपये की लागत से 99 परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है. इनमें 29,000 करोड़ रुपये सीएडी के लिए नहर प्रणाली विकसित करने के लिए चिह्नित किए गए हैं. लेकिन सरदार सरोवर (गुजरात) के लिए केवल 2,000 करोड़ रुपये की सीएडी परियोजनाएं आयी हैं. उन्होंने पाइपों, ड्रिप सिंचाई आदि की आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर खेतों में पानी की आपूर्ति पर जोर देते हुए कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए कहा. केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न परियोजनाओं पर लागत बचाने के तरीके तलाशने पर भी जोर दिया.



Reported By:Admin
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