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ईरान ने नमाजी को फिर से भेजा जेल, अमेरिका नाराज

बोगोटा : जासूसी के आरोप में ईरान ने अमेरिकी नागरिक बैक्वेर नमाजी को फिर से जेल भेज दिया है. अमेरिकी अधिकारी गोल्डस्टीन को इस बात से शिकायत है और उन्होंने मानवीय आधार पर तुरंत रिहा करने की अपील की है. गोल्डस्टीन ने कहा कि बैक्वेर नमाजी का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है और ईरानी अधिकारियों ने उन्हें इलाज के बाद फिर से जेल भेज दिया है.

नमाजी को 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी
उल्लेखनीय है कि बैक्वेर नमाजी को जासूसी और अमेरिकी सरकार के साथ 'मिलीभगत' के आरोप में बीतेे साल अक्टूबर में 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन, अमेरिकी सरकार और नमाजी का परिवार इन आरोपों को खारिज करता है. अमेरिका-ईरान की दोहरी नागरिकता रखने वाले नमाजी को ईरानी अधिकारियों ने रविवार को मानवीय आधार पर जेल से छुट्टी दी थी. सितंबर में उनकी कार्डियक आपात सर्जरी हुई थी.

नमाजी को दोबारा जेल भेजने से अमेरिका निराश
नमाजी को फिर से जेल भेजने से अमेरिकी अधिकारी गोल्डस्टीन बहुत निराश हैं. उन्होंने कहा कि वे इस बात से बहुत निराश हैं कि ईरानी सरकार ने नमाजी को फिर से जेल में डाल दिया है. नमाजी 81 साल के हैं. हम उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर चिंतित हैं. उन्हें लगातार चिकित्सीय देखरेख की तुरंत जरूरत है. उन्होंने यूनीसेफ के पूर्व अधिकारी को मानवीय आधार पर तुरंत रिहा करने की अपील की. ईरानी अधिकारियों ने रविवार को मानवीय आधार पर नमाजी को जेल से छुट्टी दी थी. लेकिन, इलाज के बाद फिर से जेल में डाल दिया है. कुछ दिनों पहले ईरान के अधिकारियों ने जेल में बंद अमेरिकी नागरिक नमाजी को मानवीय आधार पर 4 दिन के लिए रिहा किया था. 15 जनवरी को नमाजी की सेहत बिगड़ने की के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था.

नमाजी के साथ उसके पुत्र भी 10 साल की सजा काट रहे हैं
जानकारी के अनुसार, अमेरिकी नागरिक नमाजी और उसके पुत्र दोनों ईरान में 10 साल की सजा काट रहे हैं. सियामक नमाजी को अन्यायपूर्ण तरीके से ईरान में अक्टूबर 2015 से हिरासत में रखा गया है. उनके 81 साल के पिता बकर नमाजी भी ईरान में फरवरी 2016 से हिरासत में हैं. उल्लेखनीय है कि ईरान दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देता है और नमाजी के पास ईरान और अमेरिका की दोनों देशों की नागरिकता है.

नमाजी के मीडिया से बात करने पर भी प्रतिबंध
नमाजी ईरान में गिरफ्तार होने वाले अमेरिकी नागरिकों के समूह में सबसे बुजुर्ग हैं. नमाजी के वकील जारेद जेनसर के अनुसार यूनिसेफ के पूर्व अधिकारी 81 वर्षीय नमाजी को चार दिन के लिए रिहा किया गया था, लेकिन वे ईरान छोड़कर नहीं जा सकते हैं. साथ ही उनके मीडिया से बात करने पर भी प्रतिबंध है. उनके बेटे कारोबार सलाहकार सियामक नमाजी भी जेल में हैं. दोनों ही ईरानी-अमेरिकी नागरिक हैं.



Reported By:News Editor
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